
बेंगलुरु। रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस केस के 14वें आरोपी प्रदोष राव ने जहां एक ओर अभिनेता दर्शन और उसके गैंग के खिलाफ सरकारी गवाह बनने की प्रक्रिया शुरू की है, वहीं अब उसके खिलाफ जेल नियमों के उल्लंघन का एक नया मामला दर्ज किया गया है।
आरोप है कि परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद प्रदोष ने जेल के नियमों को दरकिनार करते हुए अपनी पत्नी से बात करने के लिए एक चालाक तरीका अपनाया। जांच में सामने आया है कि उसने जेल के कैदी कॉलिंग सिस्टम में कथित तौर पर गलत जानकारी दर्ज कराकर बातचीत की।
कैदी कॉलिंग सिस्टम का किया गलत इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार, रेणुकास्वामी हत्याकांड में आरोपी प्रदोष राव ने जेल में बंद कैदियों के लिए उपलब्ध कॉलिंग सुविधा का इस्तेमाल किया।
आरोप है कि उसने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर जेल रिकॉर्ड में ‘संतोष’ नाम से दर्ज कराया था। इसके लिए उसने कथित तौर पर हाल ही में जेल से रिहा हुए एक कैदी के नाम का इस्तेमाल किया।
जेल प्रशासन को शक है कि प्रदोष ने पहचान छिपाकर अपनी पत्नी से संपर्क करने की कोशिश की और इस प्रक्रिया में जेल के नियमों का उल्लंघन किया।
दूसरे कैदी की पहचान का इस्तेमाल करने का आरोप
जांच के दौरान सामने आया कि प्रदोष ने जिस नाम का इस्तेमाल किया, वह जेल से रिहा हो चुके एक अन्य कैदी से जुड़ा था।
आरोप है कि प्रदोष ने उस कैदी की जानकारी का उपयोग कर कॉलिंग सिस्टम में अपनी पत्नी का नंबर दर्ज कराया। इससे जेल अधिकारियों को शुरुआत में वास्तविक जानकारी नहीं मिल सकी।
मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने इसकी जांच शुरू की और संबंधित अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई की।
प्रदोष बन चुका है सरकारी गवाह
रेणुकास्वामी हत्याकांड में प्रदोष राव की भूमिका को लेकर पहले से जांच चल रही है। वह इस मामले में 14वें आरोपी के रूप में शामिल है।
हालांकि, हाल के घटनाक्रम में प्रदोष ने अभिनेता दर्शन और अन्य आरोपियों के खिलाफ सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है।
सरकारी गवाह बनने के बाद मामले में उसकी भूमिका और दिए गए बयानों को जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण मान रही हैं।
रेणुकास्वामी हत्याकांड क्या है?
रेणुकास्वामी हत्याकांड कर्नाटक के चर्चित मामलों में शामिल रहा है। इस मामले में अभिनेता दर्शन और उसके करीबियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, रेणुकास्वामी की मौत के मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले में अदालत की प्रक्रिया जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है।
जेल प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायत
प्रदोष द्वारा कथित रूप से जेल नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद उसके खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज की गई है।
जेल अधिकारियों का कहना है कि कैदियों के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं का उद्देश्य सुरक्षा और निगरानी बनाए रखना है। किसी भी तरह की गलत जानकारी देकर सुविधा का इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है।
अब इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदोष के मामले ने जेल में कैदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
कैदियों को कॉलिंग सुविधा देते समय पहचान और रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसके बावजूद कथित तौर पर गलत नाम के जरिए कॉल करने का मामला सामने आने के बाद व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
जेल प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इस प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रदोष के खिलाफ जेल नियमों के उल्लंघन को लेकर आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
वहीं, रेणुकास्वामी हत्याकांड में सरकारी गवाह बनने की प्रक्रिया भी अलग स्तर पर जारी रहेगी।
दोनों मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ रही है।
मामले पर बनी हुई है नजर
रेणुकास्वामी हत्याकांड पहले से ही कर्नाटक में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आरोपी प्रदोष से जुड़ा जेल उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद इस केस में एक और नया पहलू जुड़ गया है।
फिलहाल जेल प्रशासन और जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में प्रदोष के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।





